Saturday, February 28, 2026

औरत....

हम तमाशा बन गए है,
दुनियां के बाज़ार में.!

वो लगाता मोलभाव,
ले जाता है खरीद कर.!

हो जाती नीलाम जिंदगी,
सरेआम लूटती आबरु.!

क्यों किए कमज़ोर हमको,
मेरे ही अपने सभी.!

बिन सहारे जी न पाती,
गढ़ दी ऐसी काया है.!

बना दिया अबला मुझे,
कह दिया तू औरत है..?
#अजय57

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